क्रूर गृहणी की कहानी
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रीना एक अमीर घराने की क्रूर गृहणी थी। उसका स्वभाव बहुत ही कठोर और निर्दयी था। उसका घरेलू नौकर, राजू, हर दिन उसके अत्याचारों का शिकार बनता था।
एक दिन, रीना ने राजू को आदेश दिया कि वह सारे बर्तन साफ करे। राजू ने जितनी जल्दी हो सके बर्तन साफ किए, लेकिन एक बर्तन थोड़ी सी गंदी रह गई। यह देखकर रीना आग बबूला हो गई। उसने राजू को जोर से थप्पड़ मारा और गुस्से में चिल्लाई, "तुम्हें यह काम भी ठीक से नहीं आता? अब तुम्हें सजा भुगतनी पड़ेगी।"
रीना ने राजू को रस्सियों से बांध दिया और उसे ज़मीन पर गिरा दिया। फिर उसने अपनी चप्पल से उसे मारना शुरू कर दिया। राजू दर्द से कराह उठा लेकिन कुछ बोल नहीं सका। रीना ने उसकी परवाह किए बिना उसे पीटती रही।
इसके बाद, रीना ने एक और भयानक कदम उठाया। उसने एक बर्तन में अपनी पेशाब करवाई और राजू को मजबूर किया कि वह उसे पीए। राजू की आंखों में आँसू थे, लेकिन रीना की आँखों में केवल क्रूरता थी।
कुछ दिनों बाद, रीना ने एक और अत्याचार किया। उसने राजू को सारे दिन का बचा हुआ बासी खाना खाने को मजबूर किया। राजू को भूख के मारे वह खाना खाना पड़ा, लेकिन वह इतना बासी था कि उसे उल्टी आ गई। रीना ने उसकी यह हालत देखकर भी उसे और ज्यादा सजा देने का सोचा।
एक दिन, रीना ने राजू को पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए काम करने को मजबूर किया। जब राजू ने पानी मांगा, तो रीना ने उसकी प्यास बुझाने की बजाय उसे गंदा पानी पीने को दिया। राजू की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही थी, लेकिन रीना के अत्याचारों में कोई कमी नहीं आ रही थी।
आखिरकार, एक दिन, राजू की सहनशक्ति जवाब दे गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ा। रीना को तब एहसास हुआ कि उसने हद से ज्यादा कर दिया है। उसने राजू को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचा लिया।
इस घटना के बाद, रीना को अपने कृत्यों का पछतावा हुआ और उसने राजू से माफी मांगी। उसने वादा किया कि वह अब कभी किसी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करेगी। राजू ने उसे माफ कर दिया, लेकिन उसका दिल अभी भी उन अत्याचारों की यादों से भरा हुआ था।
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